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‘बड़ा गोलमाल कर सकती है भाजपा’

पाटीदार समाज के युवा नेता हार्दिक पटेल से चुनाव में उनकी भूमिका और कांग्रेस को समर्थन संबंधित कई मुद्दों पर खास बातचीत की।



क्या पंजाब से उखड़ सकेंगी मादक पदार्थों की गहरी जड़ें

मादक पदार्थों के खिलाफ जेहाद छेड़ रखा है पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने। पुलिस महा निदेशक ने भी कड़ी कार्रवाई कराई है। फिर भी ऐसा नहीं लगता कि राज्य से मादक पदार्थों को खत्म कराया जा सकता है। एक रपट

 
बैंड, बाजा और भजन से राजनीति

बहुत कम लोगों को मालूम है कि वास्तविक जीवन में वे एक कट्टर धार्मिक व्यक्ति हैं, कर्मकांडी और पूजा-पाठी हिन्दू। जब वे दस वर्षों तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो अक्सर उनके बारे में मजाक चलता था कि मध्य प्रदेश की समस्त स्त्रियाँ मिलकर भी उतने उपवास नहीं रख सकती जितना अकेले दिग्विजय सिंह रखते हैं। मुन्नू को (यह घर में उनके दुलार का नाम था) धार्मिक संस्कार विरासत में अपनी मां से मिले थे। उनके एक रिश्तेदार बताते हैं, 'ब्रह्म मुहूर्त में तड़के उठाकर अपने राघोगढ़ किले में वे भजन प्रारम्भ कर देती थीं।'

 

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  • बिहार
    किस हाल में ‘माई’ के लाल
    किस हाल में ‘माई’ के लाल

    लालू के कोर वोट बैंक में यादव (वाई) और मुसलमान (एम) रहे हैं, जिसे बिहार में ‘माई (एमवाई)’ समीकरण कहा जाता रहा है. इन्हीं को साधकर लंबे समय तक वह बिहार में प्रभावी रहे हैं पर अब परिस्थितियां बदल रहीं हैं. यादव बहुल होने के बावजूद एक-एक कर ये इलाके उनके हाथों से निकल चुके हैं. यादवों के गढ़ में लगातार हार के बाद उनकी चिंता वाजिब ही है.

     

  • मध्यप्रदेश
    दान की आंखें कूड़ेदान में
    दान की  आंखें  कूड़ेदान में

    मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में दान में मिली आंखों के कूड़ेदान में मिलने से प्रबंधन सवालों के घेरे में है

     

  • उत्तर प्रदेश
    कनहर में दफन होती समाजवाद की थीसिस
    कनहर में दफन होती समाजवाद की थीसिस

    सोनभद्र में बन रहा कनहर बांध विवादों के केंद्र में है. आंबेडकर जयंती पर इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर गोलीबारी कई तरह के सवाल उठा रही है

     

  • बिहार
    उत्तराधिकार या पुत्राधिकार
    उत्तराधिकार या पुत्राधिकार

     

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  • वाहियात चीजों से अच्छा है, कुछ ऐसा करूं जो एक कलाकार के तौर पर मुझे खुशी दे: मानव कौल
    वाहियात चीजों से अच्छा है, कुछ ऐसा करूं जो एक कलाकार के तौर पर मुझे खुशी दे: मानव कौल

    प्रयोगवादी लेखक, मंजे हुए अभिनेता और निर्देशक के तौर पर मानव कौल ने रंगमंच और फिल्म इंडस्ट्री में एक अलहदा छवि बनाई है.

     

  • ‘मैं खुद को क्रिएटिव बनाए रखने के लिए काम करता हूं, मुंबई के लिए नहीं’
    ‘मैं खुद को क्रिएटिव बनाए रखने के लिए काम करता हूं, मुंबई के लिए नहीं’

    शैवाल हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण हस्ताक्षर हैं. उनकी ‘कालसूत्र’ कहानी पर चर्चित फिल्म ‘दामुल’ का निर्माण हुआ. उन्होंने इस फिल्म के लिए कथा, पटकथा और संवाद लिखे. इसके लिए उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार स्वर्ण कमल मिला. प्रसिद्घ फिल्म निर्देशक प्रकाश झा ने दामुल के बाद उनसे मृत्यदंड फिल्म की पटकथा लिखवाई. उन्हाेंने नई फिल्म ‘दास कैपिटल’ के लिए कथा, पटकथा और संवाद लिखे हैं. हाल ही में आई फिल्म ‘मांझी- द माउंटेनमैन’ में वे संवाद सलाहकार हैं. उनसे निराला की बातचीत

     

  • ‘आदिवासी समाज से कोई आगे आएगा तो हिंदी लेखकों की चिंता बढ़ जाएगी’
    ‘आदिवासी समाज से कोई आगे आएगा तो हिंदी लेखकों की चिंता बढ़ जाएगी’

    आदित्य मांडी संथाली भाषा के चर्चित कवि हैं. औपचारिक शिक्षा के तौर पर उन्होंने बांकुड़ा जिले के बारूघुटू गांव के स्कूल से दसवीं तक की पढ़ाई की. वे आगे पढ़ नहीं सके क्योंकि परिवार की आर्थिक हालत उन्हें इसकी इजाजत नहीं दे रही थी. उन्हें पढ़ाई छोड़कर नौकरी करनी पड़ी. वे सीआइएसएफ में कांस्टेबल हैं और समय निकालकर कविता रचते हैं. उनका कविता संग्रह ‘बांचाव लड़हाई’ को साहित्य अकादमी ने सम्मानित किया. उनसे निराला की बातचीत

     

  • जो बज़्म की हर चीज़ को परवाना बना दे…
    जो बज़्म की हर चीज़ को परवाना बना दे…

    साल 2014 जिन शख्सियतों की जिंदगी का अहम पड़ाव है, उनमें ग़ज़ल साम्राज्ञी बेगम अख्त़र का नाम भी शामिल है. बेगम की याद में पूरे साल देशभर में जलसे और संगीत कार्यक्रम होते रहे, क्योंकि यह उनकी पैदाइश का सौंवा साल था. अगर सितारों के बीच कहीं से बेगम देख रही होंगी, तो फख्र कर रही होंगी कि जिस माटी से उन्होंने मुहब्बत की थी, उसने उन्हें भुलाया नहीं है

     

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